Tuesday, 8 October 2019

How to make Adsense account in few minutes?

Everyone needs to earn money in a best possible and legitimate way! if you happen to be Blogger or you have your own YouTube Channel or do you have your own domain. This article is going to help you in a significant way. 

Follow the following steps to create your AdSense account. Once it get approved by Google. You can place Ad by Google and earn money. 

How to Monetize your YouTube Channel:-

Step-1: Login to your YouTube Channel.

Step-2: On Right hand corner on your account logo, Click and select 'Your Channel' as marked in the screenshot. 

Step-3: Now click on 'YouTube Studio(beta)' button on the right side of the screen as shown in the screenshot. 
Step-4: Now in left pane, Click on 'Other Features' and select 'Status on Feature' as marked in the screenshot below:-

Step-5: Now in the next screen, First verify your mobile number as in the marked portion above and then click on 'Enable' button as marked below in the screenshot and follow the step by step procedure to create AdSense account. 

Usually, it take some time to get your Google AdSense Account approved. Once it get approved, Your channel will be shown Ad and in turn, you can earn money. 

In case of YouTube, your channel must be at least 1000 subscribers and 4000 hours of watch time in last 12 months for getting 1st payment from Google. 


How to Monetize your Blog:- 


Step-1: Sign in in your Blog. For example:- www.blogger.com

Step-2: Now click on 'Design' button on the right side of the screen as marked in the screenshot. 

Step-3: Now click on 'Earnings' button on the left pane of the screen as marked  in the screenshot. 

Now follow the same steps above to create you AdSense account and link it with your blog. 
I hope that it is very easy. 

How do your find this article? Do revert back in comment box. Thanks!

Keywords: AdSense, YouTube, Monetization, Earn money from Internet, Blog, Earning from the blog, Earning from YouTube.

Thursday, 28 September 2017

देश की पुकार !

देश की पुकार 

भारत माता  की बॅटवारा है जिनकी अभिलाषा में 
वो समझेंगे अर्जुन  की गांडीव धर्म की भाषा में। 
फूल अमन के नहीं खिलते, कायरता के माटी में 
नेहरू जी के श्वेत कबूतर मरे पड़े है घाटी में।  
दिल्ली वालो!अपने मन को बुद्ध करो या कुद्ध करो 
काश्मीर को दान करो या गद्दारो से युद्ध करो। 

जेल भरे हम क्यों बैठे है आदमखोर दरिंदो से 
आजादी का दिल घायल है जिनके गोरखधंधो से।  
घाटी में आतंकवाद का कारक बने हुए है जो 
बच्चों की मुस्कानो का संहारक बने हुए है जो। 
उन जहरीली नागों को भी दूध पिलाती है दिल्ली 
मेहमानो जैसी चिकेन बिरियानी खिलाती है दिल्ली। 

जिनके कारण पूरी घाटी जली दुल्हन सी लगती है 
पूनम वाली रात चांदनी,  चंदग्रहण सी लगती है। 
जिनके कारण माँ की बिंदी  दाग दिखाई देती है 
वैष्णो देवी माँ के घर में आग दिखाई देती है। 
उनके पैर बेड़ी जकड़े जाने में देरी क्यूँ है ?
 उनके फन पर ऐड़ी रगड़े जाने में देरी क्यूँ है ?

काश्मीर में एक विदेशी देश दिखाई देता है 
संविधान को ठुकराता परवेज दिखाई देता है। 
वे घाटी में भारत के झंडो को रोज जलाते है 
 सेना पर हमला करते है, खुनी फाग मनाते है। 
हम दिल्ली की ख़ामोशी पर शर्मिदा रह  जाते है 
'भारत  मुर्दाबाद' बोलकर वो जिन्दा कैसे रह जाते है।  
 
सेना पर पत्थरबाजो  को कोई इतना समझा दो 
ये गाँधी के गाल नहीं है कोई इतना बतला दो। 
दिल्ली वालो! सेना को भी कुछ निर्णय ले लेने दो 
एक बार पत्थर का उत्तर गोली से दे देने दो। 

जब हत्यारे महिमामंडित होते हो, कश्मीर की गलियों में 
शिमला समझौता जलता हो, बंदूकों की नलियों में। 
तो केवल आवश्यकता  है हिम्मत की, ख़ुद्दारी की 
दिल्ली केवल दो  दिन की मोहलत दे दे  तैयारी की। 
 सेना को आदेश थमा दो, घाटी देर नहीं होगी 
जहाँ तिरंगा नहीं मिलेगा, उनकी खैर नहीं होगी। 

अब तो वक्त बदलना सीखो, डरते-डरते जीने का 
दुनिया को अहसास कराओ, छप्पन इंची सीने का। 
राजमहलों के आचरणों की गंध हवा में जाती है 
राजा अगर कायर हो तो बिल्ली भी सिंहो को धमकाती है। 

सैनिक आने प्राण गवाँकर, देश बड़ा कर जाता है 
बलिदानों की बुनियादों पर राष्ट्र खड़ा कर जाता है। 
 जिनको माँ की बलिदानी  और बेटो से प्यार नहीं होगा 
उन्हें तिरंगे को लहराने का अधिकार नहीं होगा। 

भारत एक अखंड राष्ट्र है, सवा सौ करोड़ की ताकत है
कोई हम पर आँख उठा ले, किसकी भला हिमाकत है। 
धरती, अम्बर और समंदर को, यह भाषा समझा दो 
 दुनिया के हर पंच सिकंदर को, यह भाषा समझा दो। 
अब खंडित भारत माँ की तस्वीर नहीं होने वाली 
कश्मीर किसी के अब्बा की जागीर नहीं होने वाली। 


सौजन्य से :-

चन्दन झा 



 












Sunday, 20 August 2017

"ब्लू व्हेल चेलेंज" रूपी घातक इंटरनेट गेम से कैसे रखे अपने मासूमो को सुरक्षित?

"ब्लू व्हेल चैलेंज" जो एक इंटरनेट गेम है, वह आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से बच्चो और किशोर वर्ग के युवाओं के लिए मौत का पर्याय बन गया है। वास्तविकता में यह कोई गेम, एप्लिकेशन या सॉफ्टवेयर नहीं है। वस्तुत: आइस बकेट चैलेंज की तरह इसे भी विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (फेसबुक, व्हॉसअप तथा गूगल+) के माध्यम से कुछ गुप्त सोशल मीडिया ग्रुप द्वारा प्रसारित किया जाता है।

ऐसा संदेह है कि अभी तक विश्व में करीब १०० बच्चो ने इस घातक गेम को खेल कर आत्महत्या कर ली है। लेकिन  ठोस सबूत के अभाव में इसकी पुष्टि अभी तक कोई साइबर एक्सपर्ट नहीं कर पाया है। २०१६ में पुलिस ने इस इंटरनेट गेम के एक क्यूरेटर "फिलिप बुड़ैकिन" को इस संदर्भ में गिरफ्तार किया था। जिन्होंने दोषी पाये जाने पर यह कबूल किया कि वह समाज के बायोलॉजिकल गंदगी की सफाई कर रहे है।

हालाँकि इस इंटरनेट गेम की शुरुआत २०१५ में रूस से शुरु हुआ था लेकिन यह गेम अब विश्व के सभी हिस्सों में फैल चुका है। जिस में गेम के प्रतियोगियों को ५० चैलेंज दिया जाता है। गेम को कोई बीच में नहीं छोड़ सकता है। गेम में प्रतिभगियों को डरावना वीडियो देखने, खुद को क्षति पहुंचाने, देर रात पुल पर अकेला चलने तथा छत के किनारे टांग लटकाकर नीचे बैठने जैसी तमाम क्रियाकलाप दिया जाता है जिसे गेम का एडमिनिस्ट्रेटर/क्यूरेटर प्रतियोगी द्वारा भेजे गए वीडियो क्लिप के माध्यम से मॉनिटर करता रहता है। इस गेम के अंतिम पड़ाव में प्रतियोगी को छत से कूदकर आत्महत्या करना होता है।

भारत में अभी तक कथित तौर पर करीब बच्चो ने यह घातक गेम खेल  कर आत्महत्या की है, जिनमें केरल, महाराष्ट्र, दिल्ली तथा अन्य राज्यो के बच्चे शामिल है। अभी के ताज़ा घटनाओं में दिल्ली के 'शुभ अग्रवाल' ने १६ अगस्त २०१७ को चार मंजिले छत से कूद कर आत्महत्या कर ली। कहा जा रहा है कि बच्चे के हाथ में फोन था तथा वह कथित तौर पर ब्लू व्हेल चेलेंज गेम खेल रहा था। 

घटना की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने फेसबुक, गूगल तथा व्हाट्सअप सहित सभी सोशल नेटवर्किंग साइट्स को हिदायत दी है कि वे अपने वेबसाइट से "ब्लू व्हेल चेलेंज" के लिंक को हटा दे। विभिन्न राज्य सरकारों ने भी स्कूल प्रशासन के माध्यम से छात्रों तथा अभिभावकों को इस घातक गेम के बारे में महत्वपूर्ण दिशा निर्देश जारी किए है।

इस जानलेवा गेम से उत्पन्न विकट समस्या से मुकाबला  करने के लिए  मेरा सलाह यह है कि स्कूल प्रशासन द्वारा लगातार नियमित रूप से छात्रों तथा अभिभावकों को जागरूक किया जाए। छात्रों के स्मार्टफोन तथा इंटरनेट के एकांत में इस्तेमाल पर पावंदी लगे। माता-पिता इस बात का बिशेष ध्यान रखे कि बच्चे मोबाइल पर क्या कर रहे है। साथ ही साथ माता-पिता बच्चो के सामान्य क्रियाकलापों  तथा व्यवहार में हुए किसी भी बदलाव का लगातार मूल्यांकन करते रहे। लगातार सतर्क होकर तथा जागरूक होकर ही मासूमो को "ब्लू व्हेल चेलेंज" रूपी मौत के मुँह से बचाया जा सकता है। 


अतः सदैव सतर्क रहे। सुरक्षित रहे। 

सौजन्य से :-
चन्दन झा 


Wednesday, 26 July 2017

कश्मीर : समस्या और समाधान











भारत माता का बॅटवारा है, जिनकी अभिलाषा में,
वे समझेंगे अर्जुन के गांडीव धर्म की भाषा में। 
फूल अमन के नहीं खिलते, कायरता की माटी में,
नेहरू जी श्वेत कबूतर, मरे हुए है घाटी में। 
हिंदुस्तान वालो, अपने मन को बुद्ध करो या कुद्ध करो,
कश्मीर को दान करो या गद्दारो से युद्ध करो।
                                         
 उपरोक्त पंक्तियाँ वर्षो से कश्मीर समस्या रूपी महामारी से त्रस्त हर एक भारतीय के दुखद दिल की व्यथा कथा है। आजादी के बाद  1951 में जब देश में जनगणना हुई  तब भारत की आबादी करीब छत्तीस करोड़ बताई गयी और 2011 के जनगणना के अनुसार तक़रीबन एक अरब इक्कीस करोड़।  तब से लेकर आज तक कितनी सरकार आई और गयी। बीते ६९ सालो में भारत ने करीब-करीब सभी क्षेत्रो में सर्वांगीण विकास सीढियाँ चढ़ते हुए विश्व की सबसे तेज़ गति से उभरती अर्थव्यवस्था  होने का गौरव प्राप्त किया। परन्तु आजादी के बाद इन बीते ६९ सालो में हर एक भारतीय कश्मीर समस्या को जस का तस देख रहा है। कभी एक कदम आगे तो कभी दो कदम पीछे की तर्ज़ पर। 

                                                                                  अगर हम कश्मीर समस्या के इतिहास की बात करे तो गुलाम भारत को स्वतंत्र करते समय अंग्रेज़ो ने अपनी घटिया कूटनीति से इस 'सोने की चिड़ियाँ ' कहे जाने देश को टुकड़ो में बाँट दिया- एक भारत, दूसरा पाकिस्तान तथा तीसरा राज्यों की स्वतंत्र रियासतें। ब्रिटिश शासन के हटते ही अन्य रियासतों की तरह कश्मीर के महाराजा हरि सिंह ने भी कश्मीर को स्वतंत्र घोषित कर दिया। 

          कश्मीर में मुसलमान बहुल आबादी होने के कारण पाकिस्तान को लालच आ गया। मौका पाकर काबलाईयो की मदद से पाकिस्तान ने कश्मीर पर आक्रमण कर दिया। कश्मीर नरेश स्वतंत्र रहना थे, मगर पाकिस्तान के आक्रमण से डरकर भारत में शामिल हो गए। इस तरह से कश्मीर की रक्षा करना भारत का नैतिक कर्त्तव्य हो गया। फलतः भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध शुरू हो गया। मामला राष्ट्र संघ में गया।  बाद में सयुंक्त राष्ट्र के मध्यस्तता के बाद युद्ध ख़त्म हुआ।  युद्ध समाप्ति के बाद पाकिस्तान ने कश्मीर में जनमत संग्रह की बात उठाई। भारत ने युद्ध विराम रेखा के आधार पर संधि करके समस्या के निराकरण की बात उठाई थी।  मगर पाकिस्तान ऐसे मानने को तैयार नहीं हुआ।  राष्ट्र संघ में बर्षो तक चर्चा चलती रही।  मगर बाद की चर्चा अंतरराष्ट्रीय गुटबंदी के कारण अधूरी ही रही।  एक तरफ जहाँ भारत को रूस का समर्थन मिलता रहा, वही पाकिस्तान को अमेरिका से लगातार सामरिक सहायता मिलती रही।  इन सभी परिस्तिथियों के बीच पिछले ६९ सालो से कश्मीर की समस्या ज्वलंत बनी हुई है। अभी वर्त्तमान में  कश्मीर के तीन चौथाई भाग पर भारत का और एक चौथाई पर पाकिस्तान का कब्ज़ा है। 

                                                                                  अब अगर कश्मीर की वर्तमान स्थिति पर चर्चा करे तो भारत के द्वारा लगातार चार युद्ध हार जाने के बादजूद पाकिस्तान के द्वारा फैलाये गए आतंकबाद के कारण आज तक शायद ही कोई ऐसा महीना रहा  भारतीय जवान ने अपनी शहादत ना दी हो या निर्दोष नागरिको ने अपनी जान की कुर्बानी ना दी हो।  पिछले ६९ सालो में भारत ने कश्मीर को चार लाख करोड़ प्रत्यक्ष सहायता के रूप में दिया है ताकि स्वर्ग जैसा  सुन्दर कश्मीर पर्यटन के पटल पर सितारा बनकर उभर सके। कश्मीर के लोगो को रोजगार मिले।  कश्मीर के लोग खुशहाल हो।  लेकिन वही ढाक के तीन पात। कश्मीर में कश्मीरियो के रूप में रह रहे पाकिस्तानियो ने ऐसा अभी तक होने नहीं दिया है। एक बात हम पिछले कई बर्षो से नहीं समझ सके है कि पहाड़ की ढलान पर या तो हम ऊपर चढ़ते है या स्वतः  फिसल जाते है।  ढलान पर यथास्थिति जैसे कोई बात नहीं होती है। कश्मीर के मामले में भी कमोवेश हमारा यही हाल  हो रहा है। हम यथास्थिति बनाये रखने के चक्कर में नीचे फिसलते जा रहे है। आखिर कब तक  हमारे सैनिक एवं निर्दोष नागरिक अपने प्राण की आहुति देते रहेंगे। 
               
          अतीत में झांक कर  नेहरू, शास्त्री और इंदिरा की बात करे तो उन्होंने वक्त रहते पाकिस्तान की गर्दन ठीक से नहीं मरोड़ा वर्ना पाकिस्तान अभी तक अपना फन उठाने की  स्थिति में नहीं होता। क्योंकि सवाल तो अब भी वही है जस के तस। आज पैलेट गन की आड़ लेकर पूरी दुनिया में कहता फिर रहा है की भारत कश्मीरियों पर जुल्म ढा रहा है तथा मिलिट्री के दम पर वह कश्मीर पर अवैध कब्ज़ा कर रखा है। 

                                                                         मेरे हिसाब से तो कश्मीर समस्या का समाधान थोड़ा मुश्किल जरूर लेकिन सरल है। जैसा कि साफ़ है कि पाकिस्तान आतंकबाद की आड़ में कश्मीर को जलाने का लगातार यत्न करता रहा है। और इससे ज्यादा उनसे कुछ हो भी नहीं सकता है। अतः हमें रणनीति बनाकर कश्मीर में छुपे कश्मीरियों के भेष में जितने पाकिस्तानी बैठे है, उनका मुकाबला करने के लिए पूर्व सैनिको, कश्मीरी पंडितो को तथा अन्य पर्यटन यात्री के रूप में अन्य देशभक्तो को वह बसाना होगा। कहते है कि शांति का मार्ग युद्ध से होकर जाता है और इसके लिए हमें तैयार होकर वह पूर्ण दबंगई दिखलानी होगी। छद्म कश्मीरियों के नाम पर पाकिस्तानियों को जहन्नुम भेजना होगा। कश्मीरी पंडितो सहित अन्य कश्मीरी नागरिको को यह भरोसा दिलाना होगा कि भारत इतना शक्तिशाली है कि वह उनकी रक्षा कर सकता है। 

                                                                                          जो भी हो, भारत के लिए कश्मीर जीवन-मरण तथा राष्ट्र प्रतिष्ठा का बिषय है। कश्मीर भारत की धर्मनिरपेक्षता की नीति की कसौटी भी है। अतः  भारत किसी भी मूल्य पर कश्मीर का एक  इंच भूभाग भी छोड़ने को तैयार नहीं होगा। भारत का कश्मीर को लेकर विश्व समुदाय तथा पाकिस्तान को सीधा सन्देश है , जिसे मैं इन पंक्तियो के माध्यम से उल्लेखित करना चाहूंगा। 

भारत एक अखंड राष्ट्र है, सवा सौ करोड़ की ताकत है। 
कोई हम पर आँख उठा ले, किसकी भला हिमाकत है। 
धरती, अम्बर और समंदर को, यह भाषा समझा दो। 
 दुनिया के हर पंच सिकंदर को, यह भाषा समझा दो। 
अब खंडित भारत माँ की तस्वीर नहीं होने वाली। 
कश्मीर किसी के अब्बा की जागीर नहीं होने वाली। 



सौजन्य से :-

चन्दन झा 



































How to make Adsense account in few minutes?

Everyone needs to earn money in a best possible and legitimate way! if you happen to be Blogger or you have your own YouTube Channel or ...